नई दिल्ली; रत्नों की तरह धातुओं का भी हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। सोना, चांदी, लोहा, तांबा, पीतल आदि ग्रहों से जुड़े हुए हैं। तांबे के सूर्य का संबंध तांबे से, तांबे का गुरु से, चांदी का चंद्रमा से संबंध है। इन धातुओं को मिलाने से दैनिक जीवन में इनका प्रयोग करने से ग्रह बलवान बनते हैं। इसलिए लोग इन धातु के छल्ले, अंगूठियां आदि पहनते हैं। लाल किताब में तांबे के कंगन पहनने के फायदों के साथ-साथ इसे पहनने के महत्वपूर्ण नियमों की सूची दी गई है।

तांबे का ब्रेसलेट पहनने के फायदेतांबे का ब्रेसलेट पहनने से जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। यह पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस से भी राहत देता है। जिन लोगों को ठंड के मौसम में हथकड़ी लगानी पड़ती है उन्हें तांबे का ब्रेसलेट पहनने से राहत मिलेगी।
कॉपर कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करता है और क्रोध को नियंत्रित करता है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। . हीमोग्लोबिन बढ़ाता है। रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। यह मनुष्य को अनेक रोगों से बचाता है।
इन बातों का ध्यान रखें

तांबे की अंगूठी डालने से पहले विशेषज्ञ से कुंडली में ग्रहों की स्थिति की जांच करवाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि बिना जांच के कलाई, अंगुलियों या गले में कोई भी धातु डालना खतरनाक हो सकता है। ब्रेसलेट पहनने के बाद नशीली दवाओं या अनैतिकता का प्रयोग न करें। जब आपको कोई अच्छा पल दिखे तो इसे पहनें। साथ ही कोई भी अपवित्र कार्य परिश्रम से न करें। यह इसे बहुत अप्रभावी बना देगा।